
केंद्र सरकार ने अग्निवीरों को लेकर एक ऐतिहासिक और बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय कैबिनेट की बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी जानकारी दी। सरकार ने फैसला किया है कि अब 25% की बजाय 75% युवाओं का चयन सेना में किया जाएगा।
इसके साथ ही कैबिनेट ने देश के ऊर्जा और तकनीक क्षेत्र को मजबूती देने के लिए ग्रिड स्केल एनर्जी स्टोरेज और क्रिटिकल मिनरल्स प्रोसेसिंग से जुड़े अहम प्रस्तावों को भी हरी झंडी दिखा दी है।
क्या है नया नियम और बदलाव?
- 75% अग्निवीरों को मौका: पहले योजना के नियमों के तहत केवल 25% अग्निवीरों को ही चार साल की सेवा के बाद आगे रखने का प्रावधान था। लेकिन अब इस आंकड़े को बढ़ाकर 75 फीसदी कर दिया गया है।
- 2 साल का अतिरिक्त विस्तार: इन 75% अग्निवीरों को सेना में 2 साल और सेवा का मौका मिलेगा।
- सेना के पैमाने पर चयन: 2 साल की इस अतिरिक्त सेवा अवधि के पूरा होने के बाद, इन 75% अग्निवीरों का चयन सेना के निर्धारित मानकों और पैमानों के तहत किया जाएगा।
- बढ़ेगा मानदेय: इस अवधि के दौरान इन जवानों को अधिक वेतन और वित्तीय लाभ भी मिलेंगे।
बता दें कि यह फैसला ऐसे समय में आया है जब अग्निवीरों का पहला बैच अपनी 4 साल की सेवा का कार्यकाल पूरा करने के करीब है। सरकार के इस कदम से युवाओं के भविष्य को लेकर बनी अनिश्चितता काफी हद तक दूर होगी।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने क्या कहा?
कैबिनेट ब्रीफिंग में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, “आज की कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए. सबसे पहले, मैं हमारे ‘क्लीन एनर्जी मिशन’ से जुड़े एक बड़े फैसले के बारे में बताना चाहूंगा. भारत ने इस क्षेत्र में अपने प्रदर्शन से नए मानक स्थापित किए हैं और दुनिया भर में पहचान बनाई है. आज कैबिनेट ने 92 GWh की ग्रिड-स्केल एनर्जी स्टोरेज योजना को मंजूरी दी है. इसमें से 30 GWh बैटरी स्टोरेज के लिए और 60 GWh पंप हाइड्रो स्टोरेज के लिए आवंटित किया जाएगा. इस बात का पूरा ध्यान रखा जाएगा कि यह योजना पूरे देश में फैले.
850 फास्ट-ट्रैक कोर्ट का विस्तार
कैबिनेट ने 850 फास्ट-ट्रैक कोर्ट को मजबूत करने और उनके विस्तार को मंजूरी दी है. इसका ऐलान केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने किया है. उन्होंने कहा कि इसकी मदद से बच्चों के शोषण और बलात्कार के मामलों से निपटा जा सके. हमारी सरकार का पक्का संकल्प है. समाज में जब भी इस तरह की समस्याएं या खतरे सामने आएं चाहे वह महिलाओं के खिलाफ अत्याचार हो या अगली पीढ़ी की सुरक्षा के लिए कोई खतरा हम सख्त और निर्णायक कदम उठाएंगे. इसमें मौजूदा कानूनों का पूरी तरह से इस्तेमाल करना, जरूरत पड़ने पर नए कानून बनाना और कानूनों को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू करना शामिल है.



