
वक्फ अमेंडमेंट बिल को केंद्र 2 अप्रैल को लोकसभा सत्र में पेश कर सकती है, ऐसे में देश भर में इस बिल को लेकर विरोध हो रहा है। इसी को लेकर सीएम योगी ने कहा है कि सुधार समय की मांग है। वक्फ अमेंडमेंट बिल 2 अप्रैल को संसद के पटल पर पेश किया जा सकता है। केंद्र सरकार पहले लोकसभा सत्र में यह बिल पेश करने की तैयारी में है, लोकसभा का सत्र 4 अप्रैल तक चलना है। इसी बीच ईद के दिन देश के लाखों मुस्लिमों ने अपने हाथों पर काली पट्टी बांधकर वक्फ अमेंडमेंट बिल को लेकर नमाज अदा की। इसका उद्देश्य था कि मुस्लिम वक्फ अमेंडमेंट बिल का विरोध करता है। इसी को लेकर आज उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वक्फ अमेंडमेंट बिल का विरोध करने वालों को करारा जवाब दिया है, साथ ही उनसे कुछ सवाल भी पूछे हैं।
मेरे लिए राष्ट्र सबसे ऊपर है- सीएम योगी
योगी आदित्यनाथ ने एक न्यूज एजेंसी को दिए अपने इंटरव्यू में कहा, “मैं एक नागरिक के रूप में काम करता हूं। मैं खुद को विशेष नहीं मानता। एक नागरिक के रूप में, मैं अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों को पूरा करता हूं। मेरे लिए राष्ट्र सबसे ऊपर है। अगर मेरा देश सुरक्षित है, तो मेरा ‘धर्म’ भी सुरक्षित है, और अगर ‘धर्म’ सुरक्षित है, तो यह कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है।”
सुधार समय की मांग है’
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में वक्फ (अमेंडमेंट) बिल पर पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि सुधार समय की मांग है। आगे कहा, “हर अच्छे काम का विरोध होता है। इसी तरह वक्फ संशोधन विधेयक पर भी हो हल्ला हो रहा है।
क्या वक्फ बोर्ड ने कोई कल्याण किया है?
आगे सीएम ने वक्फ अमेंडमेंट बिल का विरोध कर रहे लोगों से पूछा कि जो इस मुद्दे पर हंगामा कर रहे हैं, मैं उनसे पूछना चाहता हूं…क्या वक्फ बोर्ड ने कोई कल्याण किया है? सब कुछ छोड़िए, क्या वक्फ ने मुसलमानों का भी कोई कल्याण किया है? इसके बाद उन्होंने कहा कि वक्फ निजी स्वार्थ का केंद्र बन गया है। यह किसी भी सरकारी संपत्ति पर जबरन कब्जा करने का माध्यम बन गया है और रिफॉर्म समय की मांग है और हर रिफॉर्म का विरोध होता है।”