
PM Kisan Nidhi Scheme: राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि फार्मर आईडी बनाने का कार्य युद्धस्तर पर हो रहा है. उन्होंने किसानों से शिविर में जाकर निबंधन कराने की अपील की है. ‘प्रधानमंत्री किसान निधि’ योजना के तहत किसानों को हर साल 6000 रुपये मिलते हैं. सही किसानों को इसका लाभ मिल सके इसलिए केंद्र सरकार ने नियमों में संशोधन करते हुए नए तरीके से किसानों को निबंधन करने का निर्देश दिया है. इसी के तहत बिहार में भी इसकी प्रक्रिया चल रही है. 9 जनवरी तक पंचायतों में शिविर लगाकर निबंधन का कार्य करना था. अब बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से एक दिन के लिए तारीख बढ़ा दी गई है. यानी किसान अब 10 जनवरी तक रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे.
उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा, “पीएम किसान निधि के डेटा को आधार से लिंक कर रैयत की भूमि को टैग कर फार्मर आईडी बनाने का कार्य युद्धस्तर पर कराया जा रहा है. इसके लिए मुख्यालय के अधिकारियों की टीम जिला स्तर पर प्रतिनियुक्त कर पर्यवेक्षण का कार्य कर रही है. ये राज्य के किसानों के लिए बहुत महत्वपूर्ण अभियान है.”
‘फार्मर आईडी के लिए अवश्य कराएं निबंधन’
उन्होंने कहा है कि प्रदेश के किसानों को केंद्र एवं राज्य सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं का समुचित लाभ दिलाने के उद्देश्य से फार्मर आईडी निबंधन की तिथि एक दिन और बढ़ाकर 10 जनवरी (2026) तक कर दी गई है, ताकि कोई भी पात्र किसान इससे वंचित न रह जाए. किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे निर्धारित समय के भीतर अपने पंचायत भवन में आयोजित शिविरों में पहुंचकर फार्मर आईडी के लिए निबंधन अवश्य कराएं.
विजय सिन्हा ने कहा कि निबंधन कार्य की प्रभावी निगरानी के लिए राजस्व मुख्यालय के 15 वरीय अधिकारियों को फील्ड में तैनात किया गया है, जिससे अभियान को मिशन मोड में सफलतापूर्वक संपन्न कराया जा सके. इन शिविरों के माध्यम से अधिक से अधिक किसानों को फार्मर आईडी से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के वरीय अधिकारियों के अनुसार फार्मर आईडी बनने से किसानों को पीएम किसान निधि योजना के अलावा कई महत्वपूर्ण लाभ मिलेंगे. इसके तहत पीएम किसान योजना की राशि सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजी जाएगी. इसके अलावा कृषि विभाग द्वारा संचालित सभी योजनाओं का लाभ भी निबंधित किसानों को आसानी से मिल सकेगा. साथ ही, निबंधन की प्रक्रिया के दौरान जमाबंदी का शुद्धिकरण भी सुनिश्चित किया जाएगा. शिविर में निबंधन के लिए किसानों को आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और लगान रसीद साथ लाने की अपील की गई है.



