पंजाब: बाढ़ और बारिश से आफत, फिरोजपुर में घर की छत गिरी…

पंजाब पहले से ही बाढ़ के दौर से गुजर रहा है। ऐसे में अब बारिश ने लोगों की परेशानियों को और बढ़ा दिया है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिन बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं, शनिवार-रविवार रात से ही बारिश हो रही है। फिरोजपुर, बरनाला, बठिंडा और संगरूर के सुनाम में सुबह से ही बारिश हो रही है। ऐसे में बाढ़ और बारिश ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है।

बठिंडा में सुबह 3 बजे रुक-रुक कर लगातार बारिश हो रही है। वहीं सुनाम में जोरदार बरसात से बाजारों में पानी भर गया है। फिरोजपुर के गुरुहरसहाए में बारिश की वजह से एक मकान की छत गिर गई। परिवार के लोग बाल-बाल बचे हैं। विधानसभा हलका गुरुहरसहाय में लगातार हो रही बारिश के चलते एक मकान की छत गिर गई । मकान के सदस्य बाल बाल बच गए। क्योंकि परिवार के सदस्य घर से बाहर थे जिस कारण जानी नुकसान से बचाव हो गया । लेकिन घरेलू सामान उनका खराब हो गया। पीड़ित परिवार का जिला प्रशासन और पंजाब सरकार से मांग है कि उनके घर की छत डालकर दी जाए। क्योंकि वह बहुत गरीब है और छत नहीं डाल सकते हैं।

ममदोट में ग्रामीण बाढ़ से हो गए बर्बाद

फिरोजपुर के ब्लॉक ममदोट के कई गांव सतलुज में आई बाढ़ के चलते डूब गए हैं। किसानों की धान की फसल, अरबी की फसल, मिर्च की फसल, तोरी की फसल व अन्य फसलें पानी में बह गई हैं। ग्रामीण गुरदीप सिंह का कहना है कि हजारों एकड़ जमीन में लगी फैसलें बाढ़ के पानी में डूब गई है। उनका लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं ग्रामीण काला सिंह वासी गांव सेठावाला का कहना है कि उनकी फसलें व ट्यूबवेल सब पानी में डूब गए हैं। धान की खड़ी फसल भी डूब चुकी है। काला सिंह का कहना है कि वर्ष 2023 में आई बाढ़ का मुआवजा भी उन्हें पूरा नहीं मिला था। मुआवजा बांटने वाले ही उनका आधा पैसा खा गए थे। उनकी सरकार से मांग है कि मुआवजा सीधा उन्हें दिया जाए। एजेंटों के जरिए मुआवजा ना दिया जाए। एक एकड़ का लगभग 50000 रुपये मुआवजा दिया जाए। लाखों रुपये की उनकी फसलें बर्बाद हो गई हैं।
ढाणियों में फंसे लगभग 250 ग्रामीण, लंगर के लिए लड़ रहे

फिरोजपुर के सीमांत गांव किलचे के आसपास बहुत ढाणियां हैं, जहां पर लगभग में 250 ग्रामीण फंसे हुए हैं वहां तक कोई मदद नहीं पहुंच रही है। बाढ़ पीड़ितों के लिए लंगर पूरा नहीं पहुंचने के चलते लोग झगड़ते हैं। ये हाल फिरोजपुर में बन चुके हैं। धान की फसल सौ फीसदी खराब हो चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव पल्ला मेघा की तरफ बांध के दूसरी तरफ तकरीबन 25 फुट गहरा पानी खड़ा है बांध मजबूती को कोई मदद नहीं पहुंच रही है। ये बातें बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों ने कहीं है।

ग्रामीण मुख्तियार सिंह वासी किलचे ने कहा कि यहां खेतों में आठ फुट पानी भरा हुआ है। जबकि घरों में चार फुट पानी भरा है। लोग मकानों की छतों पर बैठकर रातें गुजार रहे हैं। कुछेक लोग गुरुद्वारे में आकर बैठे हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि धान की फसल सौ फीसदी खराब हो चुकी है। कोई भी मदद को नहीं आ रहा है।

ग्रामीण मान सिंह वासी पल्ला मेघा का कहना है कि 15 दिनों से हालात बहुत ज्यादा खराब हुए हैं। हरिके हेड से ढ़ाई लाख क्यूसेक पानी और छोड़ा जा रहा है। पल्ला मेघा के पास काफी पानी आया हुआ है। 10 से 12 फुट पानी गांव में भरा है। बांध को वह सही करने में जुटे हैं। ट्रैक्टर-ट्रालियां लगाकर मिट्टी डालने का कार्य कर रहे हैं। कोई भी उनकी मदद के लिए आगे नहीं आ रहा है। खुद ग्रामीण धनराशि इक्ट्ठी कर बांध मजबूत करने में लगे। जिला प्रशासन और सरकार की तरफ से कोई मदद नहीं मिल रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सेना और बीएसएफ उनकी पूरी मदद कर रही है।

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