
झारखंड के विकास को नई दिशा देने वाली बड़ी उपलब्धि के तहत केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की नई दिल्ली में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में रांची–ठाकुरगांव–बुढ़मू–टंडवा–सिमरिया–बगरा मार्ग को झारखंड सेंट्रल कॉरिडोर के रूप में राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-99 की मंजूरी मिल गई है।
यह परियोजना पिपरवार, टंडवा और खलारी कोयलांचल समेत पूरे क्षेत्र के लिए आर्थिक, सामाजिक और औद्योगिक बदलाव का द्वार खोलेगी। इस कॉरिडोर के निर्माण से रोजमर्रा की जिंदगी में आम लोगों को बड़ा लाभ मिलेगा।
किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी, मजदूरों का आवागमन सुरक्षित और सस्ता होगा, छात्रों व मरीजों को रांची जैसे बड़े शहरों तक तेज पहुंच मिलेगी। कोयला परिवहन, व्यापार और स्थानीय रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
जनता मजदूर संघ के यूनियन नेता रविंद्रनाथ सिंह ने इसे ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह सड़क क्षेत्र के मजदूरों के जीवन में स्थायित्व और रोजगार के नए रास्ते खोलेगी। बीएमएस नेता एस.के. चौधरी ने कहा कि बेहतर सड़क से उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और पलायन रुकेगा।
बचरा दक्षिणी पंचायत की मुखिया रीना देवी ने कहा कि महिलाओं, बुजुर्गों और छात्रों के लिए स्वास्थ्य व शिक्षा तक पहुंच आसान होगी।
पिपरवार भाजपा मंडल अध्यक्ष रामलाल महतो ने इसे डबल इंजन सरकार की विकास नीति का परिणाम बताया। रैयत विस्थापित मोर्चा के केंद्रीय उपाध्यक्ष इकबाल हुसैन ने कहा कि सड़क बनने से विस्थापित परिवारों को रोजगार और पुनर्वास के नए अवसर मिलेंगे।
पिपरवार सांसद प्रतिनिधि धनराज भोक्ता ने कहा कि यह कॉरिडोर पूरे कोयलांचल की आर्थिक रीढ़ बनेगा। वहीं, पिपरवार मंडल सांसद प्रतिनिधि लक्ष्मण कुमार मंडल ने कहा कि एनएच-99 की मंजूरी से क्षेत्र का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित होगा और वर्षों की मांग अब धरातल पर उतरने जा रही है।
झारखंड सेंट्रल कॉरिडोर की यह मंजूरी पिपरवार-टंडवा क्षेत्र के लिए विकास की नई सुबह मानी जा रही है।



