ITBP के स्थापना दिवस पर पीएम मोदी ने जवानों को दी बधाई.

भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के 65वें स्थापना दिवस के पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ITBP जवानों को शुभकामनाएं दीं. पीएम मोदी ने देश की सुरक्षा में तैनात आईटीबीपी के जवानों के साहस, समर्पण और बलिदान को याद किया गया. प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर संदेश साझा करते हुए ITBP के सभी अधिकारियों और जवानों की सराहना की. उन्होंने कहा कि आईटीबीपी के हिमवीरों ने अपनी बहादुरी और दृढ़ संकल्प से हर चुनौती का सामना किया है. देश के प्रति उनकी निस्वार्थ सेवा और त्याग सभी के लिए प्रेरणा है.

हिमवीरों के जज्बे को पीएम मोदी ने सराहा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आईटीबीपी के स्थापना दिवस पर जवानों को बधाई देते हुए उनके अदम्य साहस की तारीफ की. उन्होंने अपने संदेश में कहा कि आईटीबीपी के हिमवीरों ने कठिन परिस्थितियों में भी अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा के साथ निभाया है. उनका दृढ़ संकल्प और देश के प्रति समर्पण उन्हें विशेष पहचान देता है.

प्रधानमंत्री ने जवानों की निस्वार्थ सेवा और बलिदान को राष्ट्र के लिए प्रेरणादायक बताया. ऊंचे पहाड़ों, बर्फीले इलाकों और बेहद कम तापमान में तैनात रहकर देश की सीमाओं की रक्षा करना आईटीबीपी के जवानों की दिनचर्या का हिस्सा है. ऐसे चुनौतीपूर्ण माहौल में उनकी भूमिका बेहद अहम मानी जाती है.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जवानों और उनके परिवारों को दी बधाई

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी आईटीबीपी के स्थापना दिवस पर बल के जवानों और उनके परिवारों को शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि आईटीबीपी के हिमवीरों ने बेहद कठिन जलवायु परिस्थितियों में भारत की सीमाओं की सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है.

रक्षा मंत्री ने सीमा सुरक्षा के साथ-साथ आंतरिक सुरक्षा अभियानों में भी आईटीबीपी की भूमिका का उल्लेख किया. उन्होंने वामपंथी उग्रवाद से निपटने के प्रयासों में बल के योगदान को भी महत्वपूर्ण बताया. राजनाथ सिंह के मुताबिक, जवानों का साहस, पेशेवर रवैया और कर्तव्य के प्रति अटूट समर्पण देश की सेवा की गौरवशाली परंपरा को दर्शाता है.

किरेन रिजिजू ने किया हिमवीरों के त्याग को नमन

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी सोशल मीडिया के जरिए आईटीबीपी के जवानों को स्थापना दिवस की बधाई दी. उन्होंने बल के आदर्श वाक्य ‘शौर्य-दृढ़ता-कर्मनिष्ठा’ का उल्लेख करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में सीमाओं की रक्षा करने वाले हिमवीरों का साहस और धैर्य प्रेरणा देता है.

रिजिजू ने जवानों के त्याग और देशभक्ति की भावना को नमन किया. उनका संदेश उन जवानों के प्रति सम्मान व्यक्त करता है, जो परिवार से दूर रहकर देश की सुरक्षा को अपनी प्राथमिकता बनाते हैं.

भारतीय सेना और सीआरपीएफ ने भी दी शुभकामनाएं

आईटीबीपी के स्थापना दिवस पर भारतीय सेना ने भी बल के जवानों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को बधाई दी. सेना की ओर से जारी संदेश में थल सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ और भारतीय सेना के सभी रैंक के कर्मियों की ओर से शुभकामनाएं दी गईं.

वहीं, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने भी आईटीबीपी के हिमवीरों की वीरता और निस्वार्थ सेवा को सलाम किया. सीआरपीएफ ने अपने संदेश में महानिदेशक जीपी सिंह और बल के सभी कर्मियों की ओर से आईटीबीपी के जवानों तथा उनके परिवारों को बधाई दी. साथ ही बल की गौरवशाली विरासत और देश की सीमाओं की रक्षा में उसके योगदान को याद किया.

1962 के भारत-चीन युद्ध के बाद हुई थी ITBP की स्थापना

भारत-तिब्बत सीमा पुलिस देश के प्रमुख केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में से एक है. इसकी स्थापना 24 अक्टूबर 1962 को भारत-चीन युद्ध के बाद की गई थी. इसका मुख्य उद्देश्य भारत-चीन सीमा की सुरक्षा करना और सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना है.

आईटीबीपी लद्दाख के काराकोरम दर्रे से लेकर अरुणाचल प्रदेश के जाचेप ला तक फैली लगभग 3,488 किलोमीटर लंबी भारत-चीन सीमा की सुरक्षा में तैनात रहती है. यह बल केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन काम करता है.

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