दिल्ली में 14 करोड़ की साइबर ठगी, बुजुर्ग दंपति को 2 हफ्ते तक रखा डिजिटल अरेस्ट

राजधानी दिल्ली में साइबर ठगों ने एक बुजुर्ग दंपति को दो सप्ताह से अधिक समय तक डिजिटल अरेस्ट करके रखा। इस दौरान उन्होंने 14 करोड़ 85 लाख रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए।

राजधानी दिल्ली में साइबर ठगी का एक और मामला सामने आया है। इस बार साइबर ठगों ने दिल्ली के रहने वाले NRI डॉक्टर दंपति को डिजिटल अरेस्ट करके 14 करोड़ 85 लाख रुपए ठग लिए। दरअसल डॉक्टर ओम तनेजा और उनकी पत्नी डॉक्टर इंदिरा तनेजा करीब 48 साल तक अमेरिका में रहकर UN में सर्विस की और रिटायर होने के बाद साल 2015 में वापस हिंदुस्तान आ गए। 2015 से डॉक्टर दंपति चैरिटेबल सर्विस से जुड़ गए। दरअसल, 24 दिसंबर को डॉक्टर दंपति के पास साइबर ठगों का फोन आया। साइबर ठगों ने डॉक्टर दंपति को फर्जी मुकदमों और अरेस्ट वारंट का डर दिखाया। इससे डॉक्टर दंपति डर गए। साइबर ठगों ने 24 दिसंबर से 10 जनवरी तक डॉक्टर ओम तनेजा और उनकी पत्नी डॉक्टर इंदिरा तनेजा को वीडियो कॉल के जरिए डिजिटल अरेस्ट करके रखा। इस दौरान उन्होंने आठ अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवाए। 

डरा-धमका कर किया डिजिटल अरेस्ट

डॉक्टर इंदिरा तनेजा ने बताया कि साइबर ठगों ने उन्हें अरेस्ट वारंट और फर्जी मुकदमों के नाम पर डराया। इतना ही नहीं साइबर ठगों ने उन्हें पीएमएलए और मनी लॉन्ड्रिंग कानून का भी हवाला देकर डराया। साथ ही उन्हें नेशनल सिक्योरिटी के नाम पर भी डिजिटल अरेस्ट करके रखा। डॉक्टर इंदिरा तनेजा के मुताबिक डिजिटल अरेस्ट रहने के दौरान जब भी उन्हें कहीं बाहर जाना होता था या फिर किसी को फोन करना होता था तो साइबर ठग उनके पति डॉक्टर ओम तनेजा के फोन पर वीडियो कॉल करके सब सुनते और देखते थे ताकि उन्हें यह पता चल सके की इस साइबर ठगी के बारे में वह किसी को बता तो नहीं रही है। डॉक्टर इंदिरा तनेजा जब पहली बार पैसा ट्रांसफर करने के लिए अपने बैंक गईं तो बैंक के मैनेजर ने भी उनसे पूछा कि इतनी बड़ी रकम वह क्यों ट्रांसफर कर रही हैं? तो उन्होंने बैंक मैनेजर को वही बताया जो साइबर ठगों ने उन्हें समझा कर भेजा था।

कुल 14.85 करोड़ रुपये की ठगी

मामले का खुलासा तब हुआ जब 10 जनवरी की सुबह साइबर ठगों ने यह कहा कि आप अपने लोकल पुलिस स्टेशन चले जाएंगे क्योंकि अब यह सारा पैसा आपको आरबीआई के द्वारा रिफंड किया जाएगा और लोकल पुलिस को इसकी जानकारी होगी। जब डॉक्टर इंदिरा तनेजा पुलिस स्टेशन पहुंचीं तब भी साइबर ठग उनके साथ वीडियो कॉल पर थे। वहां उन्होंने थाने के SHO से भी ठगों की बात कराई। इंदिरा तनुजा के मुताबिक साइबर ठगों ने थाने के पुलिसकर्मियों से बड़ी बदतमीजी से बात की। थाने पहुंचकर डॉक्टर इंदिरा तनेजा को पता चला कि उनके साथ 14 करोड़ 85 लख रुपए की ठगी हुई है। हालांकि दिल्ली पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरे मामले की जांच दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की साइबर यूनिट IFSO को सौंप दी है। 

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