
दिल्ली सरकार हर महीने 100 आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोलने जा रही है, ताकि लोगों को घर के पास प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें. ये केंद्र अस्पतालों का बोझ कम करेंगे. देश की राजधानी में स्वास्थ्य के स्तर सुधारने के लिए सरकार कुछ बड़ा करने जा रही है. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 29 अगस्त को घोषणा की कि राजधानी में अब हर महीने करीब 100 आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोले जाएंगे.
इसका मकसद लोगों को उनके घर के पास ही प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना और सरकारी अस्पतालों पर दबाव कम करना है. सीएम ने दिल्ली सचिवालय में स्वास्थ्य विभाग और अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक में यह फैसला लिया.
बड़े भूखंडों पर आधुनिक केंद्र
बैठक में गुप्ता ने निर्देश दिया कि इन आरोग्य मंदिरों को सिर्फ 100 गज के प्लॉट पर ही सीमित न रखा जाए, बल्कि बड़े सरकारी भूखंडों पर भी तैयार किया जाए. इससे आपात स्थिति में इन केंद्रों का उपयोग किया जा सकेगा और पार्किंग व बड़े हॉल जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी. सीएम ने बताया कि पुराने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को आयुष्मान आरोग्य मंदिर में बदला जा रहा है और साथ ही नए भवन भी बड़े स्तर पर तैयार हो रहे हैं.
किसी तरह की आर्थिक रुकावट नहीं- CM
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि इस योजना के लिए दिल्ली सरकार को केंद्र से 2,400 करोड़ रुपये मिल चुके हैं. इससे निर्माण और संचालन में किसी तरह की आर्थिक रुकावट नहीं होगी. अब तक दिल्ली में 67 आरोग्य मंदिर कार्यरत हैं, जबकि आने वाले महीनों में इनकी संख्या तेजी से बढ़ेगी.
इन केंद्रों में ये सेवाएं होंगी शामिल
नए केंद्रों में लैब टेस्टिंग की सुविधा और 12 तरह की स्वास्थ्य सेवाएं होंगी जिनमें शामिल हैं- मातृत्व एवं प्रसव सेवाएं, शिशु और किशोर स्वास्थ्य देखभाल, परिवार नियोजन एवं संक्रामक रोगों का उपचार, गैर-संचारी रोगों का प्रबंधन, मानसिक स्वास्थ्य, वृद्धावस्था देखभाल और पैलिएटिव केयर, आंख, कान-नाक-गला और दंत चिकित्सा सेवाएं.
भर्ती, उपकरण और आधुनिक व्यवस्था
सरकार ने डॉक्टरों, नर्सों, फार्मासिस्टों, एएनएम, लैब तकनीशियन, टीबी विशेषज्ञ, डेटा ऑपरेटर और मल्टी-पर्पज स्टाफ की नियुक्ति के आदेश जारी कर दिए हैं। प्रत्येक केंद्र को आधुनिक प्रयोगशालाओं, पर्याप्त दवाइयों, फर्नीचर और स्वच्छ शौचालयों से सुसज्जित किया जाएगा.
सीएम रेखा गुप्ता ने पीटीआई के अनुसार कहा कि इन मंदिरों के जरिए लोग सामान्य बीमारियों के लिए अस्पतालों की ओर भागने से बचेंगे. उन्होंने दावा किया कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर अब दिल्ली की जनता के लिए भरोसे और स्वास्थ्य का नया प्रतीक बन रहे हैं.