रामलीला में इस बार होगी भजन क्लबिंग.

करोल बाग स्थित अजमल खां पार्क में सनातन धर्म लीला समिति पहली बार 10 अक्टूबर को शाम 7 से 10 बजे तक GenZ और Gen Alpha को रामलीलाओं से जोड़ने के लिए भजन क्लबिंग कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है.

रामलीला के मंच पर इस बार भक्ति का अंदाज अलग कलेवर में नजर आएगा. रामलीला कमिटियों को इस बार भजन क्लबिंग कॉन्सेप्ट काफी पसंद आया है. इसलिए GenZ और Gen Alpha को रामलीलाओं से जोड़ने के लिए इस बार कई कमिटियां रामलीला मंचन के दौरान भजन क्लबिंग करवाने जा रही है. जिसमें युवाओं को काफी रास आ रहे आधुनिक संगीत पर पारंपरिक भजनों की प्रस्तुति की जाएगी.

करोल बाग में पहली बार होगा भजन क्लबिंग

करोल बाग स्थित अजमल खां पार्क ( राम वाटिका) में सनातन धर्म लीला समिति पहली बार 10 अक्टूबर को शाम 7 से 10 बजे तक भजन क्लबिंग कार्यक्रम आयोजित कर रही है. कमिटी के मंत्री प्रवीण कपूर ने बताया कि, इसमें राघव राजा ग्रुप प्रस्तुति देगा. बच्चों और GenZ को आकर्षित करने का पूरा प्रयास है. पिछले वर्षों में दशहरे पर कृष्ण और काली माता पर भजन, संकीर्तन और सुंदर कांड तक करते थे. इस बार ट्रेंड के साथ बदलाव किया है.

वहीं, दिल्ली की नव धार्मिक लीला कमेटी 11 अक्टूबर को ‘भजन क्लबिंग’ का आयोजन करने जा रही है, जिसमें पारंपरिक भजनों को आधुनिक संगीत और युवाओं की पसंद के मुताबिक पेश किया जाएगा. खास तौर पर Gen Z और Gen Alpha को ध्यान में रखकर तैयार किए जा रहे इस कार्यक्रम का उद्देश्य नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं से जोड़ना है. इस कार्यक्रम को भजन एक्सप्रेस की ओर से आयोजित किया जाएगा. जिसमें अनिकेत प्रसन्ना और युक्ति शर्मा अपनी प्रस्तुति देंगे. कार्यक्रम में भजनों की पारंपरिक भावभूमि के साथ आधुनिक म्यूजिक का मेल देखने को मिलेगा.

रामलीला में बदलेगा भक्ति का अंदाज

आयोजकों का मानना है कि युवा पीढ़ी के मनोरंजन और संवाद का तरीका तेजी से बदल रहा है. ऐसे में अगर रामलीला और भारतीय संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है तो प्रस्तुति के तरीके में भी बदलाव जरूरी है. इसी सोच के साथ ‘भजन क्लबिंग’ को रामलीला के पारंपरिक माहौल से जोड़ने की कोशिश की गई है. लाइव म्यूजिक, भजनों की नई प्रस्तुति और युवाओं की भागीदारी इसके प्रमुख हिस्से होंगे.

नव धार्मिक लीला कमेटी के मंत्री प्रकाश बैराठी और महामंत्री जगमोहन गोटेवाला का कहना है कि रामलीला को सिर्फ धार्मिक आयोजन के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए. उनके मुताबिक यह भारतीय सांस्कृतिक और नैतिक विरासत का ऐसा माध्यम है, जो पीढ़ियों से लोगों को जोड़ता आया है. कमेटी का कहना है कि आज के युवाओं को रामायण और भारतीय संस्कृति से जोड़ने के लिए केवल किताबों या पारंपरिक कार्यक्रमों पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है. उन्हें उनकी पसंद और उनके समय के मुताबिक नए माध्यम भी उपलब्ध कराने होंगे. बैराठी और गोटेवाला के मुताबिक संस्कृति को बदलने की नहीं बल्कि उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने के तरीके तलाशने की जरूरत है और ‘भजन क्लबिंग’ इसी सोच का परिणाम है.

नव धार्मिक लीला कमेटी कर रही भजन क्लबिंग का आयोजन

वहीं, गुजरांवाला टाउन में स्थित डेरावल नगर के स्वामी अमरदेव पब्लिक स्कूल मैदान में नव धार्मिक लीला कमेटी की तरफ से 15 अक्टूबर को रात 9 बजे से भजन क्लबिंग कार्यक्रम होगा. कमिटी के महासचिव सुरेंद्र नागपाल ने बताया कि उनके यहां  डॉ. प्रखर डागर और साज मल्होत्रा की टीम परफॉर्मेस करेगी.

जबकि, लाल किला मैदान में होने वाली लवकुश रामलीला में 21 अक्टूबर को भरत मिलाप के बाद शाम 7 बजे से भजन क्लबिंग होगी. कमिटी के प्रेसिडेंट अर्जुन कुमार ने बताया कि  दो फेमस बैंड्स इस दिन अपनी प्रस्तुति देंगे. फिल्म हनुमान अंश का बैंड आएगा. मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान और जब जिद पे आ गई पार्वती गीतों की सुंदर प्रस्तुति होगी. वहीं, केशवम बैंड के कलाकार और स्थानीय गायक भी आधुनिक संगीत परफॉर्मेंस देंगे जिनकी धुनों पर नयी पीढ़ी के युवा झूमने को मजबूर हो जाएंगे. 

युवाओं की भागीदारी पर रहेगा जोर

भजन क्लबिंग के दौरान पारंपरिक भजनों के साथ आधुनिक संगीत का संयोजन, लाइव प्रस्तुति और युवाओं की भागीदारी कार्यक्रम को विशेष रूप देगा. आयोजकों का प्रयास है कि  इस अनोखे मेल के जरिए आज के युवा भक्ति, संगीत और भारतीय संस्कृति के बीच के संबंध को नए अंदाज में महसूस कर सकें. कमेटी इसे एक प्रयोग के रूप में देख रही है. अगर यह पहल युवाओं तक अपनी बात पहुंचाने में सफल रहती है तो आने वाले समय में भारतीय संस्कृति और रामलीला से जुड़े ऐसे और कार्यक्रम आयोजित किए जाने की योजना है.

Related Articles

Back to top button