
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि घोषणाएं करना और बजट दिखाना आसान है। विकास तब होता है, जब काम जमीन पर भी दिखे। शुक्रवार को प्रश्नकाल के दौरान हिमाचल में संस्थान बंद करने के आरोपों पर मुकेश ने पूर्व सरकार के कामों को गिनवाते हुए विपक्ष को घेरा। उन्होंने कहा कि 628 स्कूलों में एक भी बच्चा नहीं था, इसलिए उन्हें बंद करना पड़ा। यहां कार्यरत 1400 शिक्षक अन्य जगहों पर भेजे गए। इस पर जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में सरकारें काम करने के लिए बनती रही हैं। पहली ऐसी सरकार आई है, जो काम बंद करने में जुटी हुई है। संस्थान बंद करने के प्रश्न पर उप मुख्यमंत्री और नेता विपक्ष में कई बार तीखी नोकझोंक हुई।
मुकेश ने कहा कि विपक्ष लगातार यह भ्रम फैला रहा है कि सरकार संस्थान बंद कर रही है, जबकि हकीकत यह है कि सिर्फ जीरो इनरोलमेंट वाले स्कूल ही बंद किए गए हैं। विपक्ष को यह भी बताना चाहिए कि जब पूर्व सरकार ने मंडी में हवाई अड्डे और हॉर्टिकल्चर कॉलेज की घोषणा की थी, तो आज तक वहां निर्माण क्यों नहीं हुआ। जिन संस्थानों के लिए जमीनें दान दी गई हैं, वे सुरक्षित हैं और भविष्य में उनका इस्तेमाल अन्य संस्थानों के लिए किया जा सकता है।
सरकाघाट के विधायक दलीप ठाकुर के मूल सवाल का जवाब देते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने अब तक 126 नए संस्थान खोले हैं। पूर्व सरकार के आखिरी छह महीनों में बिना किसी ठोस आधार के कई संस्थान खोले गए थे, जिनकी समीक्षा की गई। गुण और दोष के आधार पर फैसले लिए जाते हैं। इसी मुद्दे पर जयराम ने आरोप लगाया कि जब कांग्रेस सरकार बनी तो कैबिनेट का गठन तक नहीं हुआ था, लेकिन कैबिनेट बनाए बिना ही भाजपा सरकार के कार्यकाल में खोले गए संस्थानों को बंद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। पिछले सत्र में यह जानकारी दी गई थी कि 1859 संस्थान बंद किए गए हैं और तीन साल का कार्यकाल पूरा होने के बावजूद सरकार अब तक लगातार संस्थान बंद करने और उन्हें दूसरी जगह शिफ्ट करने का काम कर रही है।