‘लुटेरे और हत्यारे मसूद गाजी के नाम पर नहीं लगेगा मेला’, संभल ASP का फरमान

संभल पुलिस ने महमूद गजनवी के सेनापति सैयद सालार मसूद गाजी के नाम पर लगने वाले नेजा मेले पर रोक लगा दी है. यह मेला हर साल होली के बाद भारत पर कई बार आक्रमण करने वाले मसूद गाजी की याद में आयोजित होता था. एएसपी श्रीश चंद्र ने ऐतिहासिक तथ्यों का हवाला देते हुए कहा कि किसी आक्रमणकारी के सम्मान में इस तरह का आयोजन उचित नहीं है. यह निर्णय एक संदेश है कि ऐसे लोगों की याद में कोई कार्यक्रम नहीं होगा.उत्तर प्रदेश के संभल में क्रूर अक्रांता सैयद सालार मसूद गाजी के नाम पर लगने वाले नेजा मेला अब इतिहास बन जाएगा. संभल पुलिस ने नेजा कमेटी की बैठक में साफ कर दिया है कि किसी लूटेरे या अक्रांता के नाम पर किसी तरह के आयोजन की अनुमति नहीं दी जा सकती. भारत पर 17 बार आक्रमण करने वाला क्रूर अक्रांता सैयद सालार मसूद गाजी ने बार बार लूटपाट की और लोगों को मौत के घाट उतारा. सैयद सालार मसूद गाजी कोई और नहीं, बल्कि भारत पर 17 बार आक्रमण करने वाले एक क्रूर शासक गजनवी का सेनापति था.

इस शासक और सेनापति ने हर बार भारत का खजाना लूटा और देश को कंगाल करने की कोशिश की. यही अक्रांता सोमनाथ मंदिर पर हमले का भी दोषी है. ऐतिहासिक तथ्यों का उल्लेख करते हुए संभल के एएसपी श्रीश चंद्र ने दो टूक कहा कि कोई मेला नहीं लगेगा. संभल में हर साल लगने वाले इस मेले के आयोजन के लिए संभल कोतवाली में सोमवार को नेजा कमेटी की बैठक हुई. इस बैठक में एएसपी श्रीश चंद्र ने कहा कि समाज में कोई कुरीति परंपरागत तरीके से भी चली आ रही है तो उसे बदल देना चाहिए. ऐसा कर हम अपनी आगामी पीढ़ी को बेहतर संदेश दे पाएंगे.

मेले में जुटते थे समुदाय विशेष के लोग

उन्होंने कहा कि इस मेले की अनुमति नहीं देने का फैसला एक संदेश है, जिसमें साफ होता है कि ऐसे लोगों की याद में कोई मेला या समारोह नहीं होगा. बता दें कि संभल में लंबे समय से महमूद गजनवी के सिपाहसलार मसूद गाजी की याद में नेजा मेले का आयोजन होता था. होली के बाद आयोजित होने वाले इस मेले में दूर दूर से समुदाय विशेष के लोग जमा होते थे. इसको लेकर हिंदू समाज के लोग आपत्ति कर रहे थे. मेले पर आपत्ति करते हुए हिंदू समाज ने कहा था कि एक विदेशी अक्रांता के नाम पर मेले का आयोजन करना और उसका गुणगान करना उचित नहीं है

नेजा कमेटी को लगाई फटकार

इसी बीच नेजा कमेटी की बैठक के बाद जब लोग अनुमति के लिए अपर पुलिस अधीक्षक श्रीशचंद्र से मिले तो उन्होंने अनुमति देने से साफ मना कर दिया. बल्कि उन्होंने नेजा कमेटी पर ही सवाल खड़ा कर दिया कि वह कैसे सोमनाथ मंदिर लूटने वाले के नाम पर मेला लगाने की सोच सकते हैं. उन्होंने कहा कि देश में कहीं भी हजारों निरपराध लोगों का खून बहाने वाले अक्रांताओं के नाम पर आयोजन की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए.

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