
राउरकेला से भगवान श्रीराम को समर्पित सोने की धनुष यात्रा शुक्रवार को भव्य आयोजन के बीच हनुमान बटिका से अयोध्या के लिए रवाना हुई। यह विशेष सोने का धनुष 22 जनवरी को अयोध्या पहुंचकर भगवान रामलला के चरणों में समर्पित किया जाएगा।
हनुमान बटिका परिसर में इस पवित्र यात्रा के शुभारंभ के लिए भव्य धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। पूरे परिसर में भक्तिमय वातावरण रहा। वैदिक
मंत्रोच्चारण, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को आध्यात्मिक बना दिया।
इस अवसर पर सोने के धनुष यात्रा का शुभारंभ कलिदास महाराज जी ने अपने कर-कमलों से किया। समारोह में पूर्व केंद्रीय मंत्री दिलीप राय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, संत-महात्माओं और स्थानीय नागरिकों ने हिस्सा लिया। धार्मिक अनुष्ठान के बाद सोने की धनुष यात्रा राउरकेला शहर की परिक्रमा करते हुए आगे बढ़ी।
यह यात्रा अब ओडिशा के 30 जिलों का भ्रमण करेगी। इसके पश्चात सोने का धनुष जगन्नाथ धाम पुरी पहुंचेगा। जहां भगवान जगन्नाथ के दर्शन कर उन्हें अर्पित किया जाएगा। इसके बाद धनुष यात्रा वहां से प्रस्थान कर 22 जनवरी को अयोध्या में भगवान श्रीरामलला के श्रीचरणों में पहुंचकर विराम लेगी।
यह विशेष सोने की धनुष पंचधातु से निर्मित है, जिसका कुल वजन 286 किलोग्राम है। इसमें करीब एक किलोग्राम सोना भी सम्मिलित किया गया है। इस धार्मिक यात्रा का उद्देश्य भगवान श्रीराम के प्रति भक्ति भावना जागृत करना और ओडिशा भर के लोगों को राम मन्दिर प्राण प्रतिष्ठा के उत्सव से जोड़ना है। मौके पर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत गौतम समेत अन्य लोग उपस्थित थे।



