योगी कैबिनेट की अहम बैठक में इन 13 प्रस्तावों को मिली मंजूरी, शिक्षा को लेकर लिए गए बड़े फैसले

UP News: सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट की अहम बैठक आयोजित की गई जिसमें कुल 14 प्रस्ताव रखे गए थे जिनमें 13 प्रस्तावों को कैबिनेट की मंजूरी मिली है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार (6 जनवरी 2026) को लखनऊ में कैबिनेट की एक महत्वपूर्व बैठक आयोजित की गई. जिसमें कुल 14 प्रस्ताव रखे गए थे जिनमें से 13 प्रस्तावों को कैबिनेट की मंजूरी मिली है. प्रदेश सरकार के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कैबिनेट बैठक को लेकर मीडिया को बताया कि प्रदेश के विकास, रोजगार सृजन, पारिवारिक संपत्ति प्रबंधन और शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में कई अहम निर्णय लिए गए हैं. 

स्टांप एवं पंजीयन मंत्री रविन्द्र जायसवाल ने कहा, कैबिनेट बैठक में स्टांप एवं पंजीयन विभाग से संबंधित प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी मिली है. मंत्री रविन्द्र जायसवाल के मुताबिक, परिवार का सदस्य अगर कोई अपनी प्रॉपर्टी (कोई भी प्रॉपर्टी ) परिवार(ब्लड रिलेशन) के सदस्य को देगा (दान करेगा) तो अब स्टाम्प केवल 5000 रुपये पड़ेगा. उन्होंने कहा कि 2 और भी प्रस्ताव पारित हुए हैं जिसमें कुशीनगर और झांसी में स्टांप कार्यालय निर्माण शामिल.

‘वित्त वर्ष में 21 उद्योग कंपनियों का होगा निर्माण’

मंत्री नंद गोपाल नंदी ने कहा कि  Global Capacity Center…. आज हमने इस नीति की sop लाए हैं जिसे पारित किया गया. वित्त वर्ष 21 उद्योग कंपनियों का निर्माण और कुछ का संचालन शुरू हो रहा है जिससे निवेश बढ़ेगा और अप्रत्यक्ष और प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा. इसमें 10000 से ज्यादा युवाओं को रोजगार मिलेगा.

फर्जी डिग्री मामले में JS विश्वविद्यालय की मान्यता समाप्त

प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि आज JS विश्वविद्यालय शिकोहाबाद जिसकी स्थापना 2015 में हुई थी. समाचार पत्रों के माध्यम से पता चला कि कुछ स्टूडेंट्स की फर्जी मार्कशीट का मामला प्रकाश में आया था. उन्होंने कहा कि, “हमने विभाग वार भी जांच के आदेश दिए लेकिन वहां से कोई अपेक्षित सहयोग नहीं मिला. जिस पर धारा 55(3) के तहत जांच के आदेश हुए जिसमें डीएम फिरोजाबाद को जांच के आदेश दिए गए.”

उन्होंने यह भी कहा कि, “फिर बाद में गृह विभाग के आर्थिक अपराध शाखा को जांच के आदेश दिए गए. जांच आख्या प्राप्त होने के बाद ये निर्णय लिया गया कि इस विश्वविद्यालय की मान्यता समाप्त की जाए. अब JS की मान्यता समाप्त होने के बाद आगरा BR आंबेडकर विश्विद्यालय छात्रों की डिग्री और सर्टिफिकेट का सत्यापन करगी और संचालन करेगी.

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