यूपी में भीषण गर्मी में नहीं होगा पानी का संकट, CM योगी ने दिए 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश

उत्तर भारत में हर साल अप्रैल से जून के बीच गर्मी का प्रकोप चरम पर होता है. कई जिलों में पारा 45 डिग्री के पार पहुंच जाता है. ऐसे में जलस्तर घटता है और हैंडपंप, कुएं और तालाब सूखते हैं. उत्तर प्रदेश में गर्मी जैसे-जैसे तेज होती जा रही है, वैसे-वैसे सरकार ने लोगों को राहत देने की तैयारियां भी तेज कर दी हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि राज्य के किसी भी गांव में पेयजल की कमी नहीं होनी चाहिए. गर्मी के मौसम में हर ग्रामीण परिवार को शुद्ध और निरंतर पानी मिलना चाहिए, इसके लिए प्रशासन को 24 घंटे अलर्ट मोड में रहने को कहा गया है.

उत्तर प्रदेश में गर्मी जैसे-जैसे तेज होती जा रही है, वैसे-वैसे सरकार ने लोगों को राहत देने की तैयारियां भी तेज कर दी हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि राज्य के किसी भी गांव में पेयजल की कमी नहीं होनी चाहिए. गर्मी के मौसम में हर ग्रामीण परिवार को शुद्ध और निरंतर पानी मिलना चाहिए, इसके लिए प्रशासन को 24 घंटे अलर्ट मोड में रहने को कहा गया है. प्रदेश सरकार ने सभी मंडलायुक्तों को अपने-अपने क्षेत्रों में बैठकों के ज़रिए पेयजल व्यवस्था की निगरानी और तुरंत समाधान सुनिश्चित करने को कहा है. वहीं, सभी जिलाधिकारियों को इस संबंध में शासन की ओर से पत्र भेज दिया गया है. सरकार ने साफ कहा है कि पानी की कमी की कोई शिकायत नहीं आनी चाहिए.

गांव-गांव पहुंचेगा साफ पानी, पाइपलाइन योजना को मिलेगी रफ्तार

राज्य सरकार की ‘हर घर जल’ और ‘नमामि गंगे’ योजनाओं के तहत पाइपलाइन के जरिए घर-घर शुद्ध पानी पहुंचाने की व्यवस्था की गई है. जहां ये योजनाएं पूरी हो चुकी हैं, वहां इसका पूरा लाभ लोगों को दिया जाएगा. और जहां अभी निर्माण बाकी है, वहां वैकल्पिक तरीकों से पानी पहुंचाने की तैयारी है.

सरकारी संस्थानों में भी होगी पेयजल की व्यवस्था

सरकार ने तहसील, थाने, अस्पताल, आंगनबाड़ी केंद्र और सामुदायिक शौचालयों में भी पर्याप्त पानी की व्यवस्था करने का आदेश दिया है. गर्मी से राहत के लिए इन स्थानों पर घड़े और प्याऊ लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं. गांवों में रहने वाले लोगों को जल संरक्षण, लू से बचाव और साफ पानी के इस्तेमाल के बारे में भी जागरूक किया जाएगा. इसके लिए ‘सूचना, शिक्षा और संप्रेषण’ (IEC) अभियान चलाया जाएगा. सरकार चाहती है कि लोग पानी की अहमियत समझें और उसका सही इस्तेमाल करें.

क्यों जरूरी है गर्मी में पेयजल योजना

उत्तर भारत में हर साल अप्रैल से जून के बीच गर्मी का प्रकोप चरम पर होता है. कई जिलों में पारा 45 डिग्री के पार पहुंच जाता है. ऐसे में जलस्तर घटता है और हैंडपंप, कुएं और तालाब सूखने लगते हैं. खासतौर से ग्रामीण क्षेत्रों में पानी का संकट गंभीर हो जाता है. इसी को देखते हुए योगी सरकार ने समय से पहले योजना बनाकर लागू कर दी है, ताकि लोगों को पानी के लिए भटकना न पड़े.

सरकार की पूरी कोशिश, जनता को गर्मी में मिले राहत

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कहना है कि हर नागरिक को साफ और सुरक्षित पानी देना सरकार की प्राथमिकता है. ग्रामीण इलाकों में भी शहरों की तरह नियमित जल आपूर्ति हो, इसके लिए हर ज़िले में कड़ी निगरानी की जा रही है. सरकार का लक्ष्य है कि चाहे गर्मी कितनी भी तीव्र हो, लोगों का जीवन सामान्य बना रहे और कोई भी परिवार पानी की कमी से परेशान न हो

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