
पुलिस ने किसानों को हिरासत में लेकर टोल प्लाजा को पूरी तरह खाली करवा दिया, ताकि यातायात में किसी प्रकार की बाधा न आए। किसानों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को लेकर प्रदर्शन करना चाहते थे, लेकिन सरकार पहले ही डर गई और पुलिस के जरिए किसानों को हिरासत में लेकर थाने भेज दिया गया।
बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को लेकर आज पूरे पंजाब में विभिन्न किसान संगठनों द्वारा सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन का एलान किया गया था। इस दौरान सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक टोल प्लाजा फ्री करने का कार्यक्रम तय किया गया था। लुधियाना में काैमी इंसाफ मोर्चा ने लाडोवाल टोल फ्री करवाया।
मोगा में लुधियाना-फिरोजपुर रोड स्थित दारापुर टोल प्लाजा तथा मोगा-जालंधर रोड पर कामालके टोल प्लाजा पर किसानों द्वारा धरना दिया जाना था। किसान जब दारापुर टोल प्लाजा पर धरना देने पहुंचे, तो धरना शुरू होने से पहले ही पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सभी किसानों को हिरासत में ले लिया।
पुलिस ने किसानों को हिरासत में लेकर टोल प्लाजा को पूरी तरह खाली करवा दिया, ताकि यातायात में किसी प्रकार की बाधा न आए। किसानों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को लेकर प्रदर्शन करना चाहते थे, लेकिन सरकार पहले ही डर गई और पुलिस के जरिए किसानों को हिरासत में लेकर थाने भेज दिया गया। किसानों ने आरोप लगाया कि उन्होंने सिर्फ अपनी आवाज उठाई, लेकिन सरकार और पुलिस ने उनके साथ गलत व्यवहार किया। किसानों ने मांग की कि हिरासत में लिए गए सभी किसानों को तुरंत रिहा किया जाए, अन्यथा आंदोलन जारी रहेगा।
मौके पर मौजूद डीएसपी ने बताया कि किसानों ने स्वयं गिरफ्तारी दी है और फिलहाल टोल प्लाजा पूरी तरह खाली है। स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है और आम जनता को किसी भी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी।



