
दिल्ली में पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी की तरफ से दिल्ली विधानसभा में गुरुओं के किए गए अपमान के बाद पंजाब में राजनीति गर्मा गई है। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व चेयरमैन व भाजपा नेता इकलाब सिंह लालपुरा ने आम आदमी पार्टी के पंजाब के नेताओं से सवाल किया हैं कि दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने गुरु साहिब का अपमान किया, इस पर वह चुप क्यों हैं।
भाजपा के प्रदेश मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए लालपुरा ने कहा ‘दिल्ली विधान सभा में पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने कहा, कुत्तों का सम्मान करो… एक सिख होने के नाते मैं आगे कुछ नहीं कह सकता। इस बात की पुष्टि दिल्ली विधान सभा के स्पीकर ने भी की कि गुरु साहिब के बारे में आतिशी ने गलत शब्दों का प्रयोग किया। इसके बावजूद पंजाब के नेता चुप बैठे हैं।’
पूर्व चेयरमैन ने केजरीवाल से सवाल किया कि उन्होंने आतिशी को सजा क्यों नहीं दी। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार को भी कानून के मुताबिक इसे देखना चाहिए।
वीडियो इंटरनेट मीडिया पर हो रहा वायरल
लालपुरा ने कहा कि भगवंत मान का एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो की सत्यता की जांच होनी चाहिए। मुख्यमंत्री भगवंत मान को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए या पार्टी उन्हें बर्खास्त करके इसकी सीबीआई जांच करवाए। चूंकि यह वीडियो मुख्यमंत्री भगवंत मान से सीधा जुड़ा हुआ हैं, अत: स्टेट पुलिस या स्टेट की जांच एजेंसी इसकी जांच नहीं कर पाएगी, इसलिए इसकी जांच सीबीआई से करवाई जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यह वीडियो कई दिनों से वायरल हो रही है और अभी तक इस वीडियो की सत्यता को नकारा भी नहीं गया है। जिस राज्य के मुखिया की ऐसी प्रवृत्ति हो, वहां पर कानून व्यवस्था ठीक कैसे रह सकता है। गुरु ग्रंथ साहिब के 328 पावर स्वरूपों को लेकर एसजीपीसी और पंजाब पुलिस के बीच चल रहे विवाद को लेकर पूर्व आईपीएस अधिकारी ने कहा ‘हम धर्म में दखलंदाजी नहीं कर सकते लेकिन अगर कोई अपराध हुआ हैं और वह कानून के दायरे में हैं तो उस पर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।’
धर्म के अनुसार गुरमुख या मनमुख होता है
मुख्यमंत्री के पतित सिख होने को लेकर चल रहे विवाद को लेकर लालपुरा ने कहा ‘यह नया शब्द कहां से आया मुझे नहीं पता लेकिन धर्म के अनुसार या तो गुरमुख होता हैं या मनमुख। अत: मुख्यमंत्री मनमुख कहना ही उचित होगा।’ इस मौके पर उनके साथ जगदीप चीमा, विनीत जोशी और पृतपाल सिंह बलियावाल मौजूद थे।



