ट्रंप टैरिफ को लेकर दुनिया में हड़कंप, अर्थशास्त्रियों ने दी ये चेतावनी

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को अमेरिका में ”मुक्ति दिवस” की घोषणा की है। वजह यह है कि वह नए टैरिफ लगाने की तैयारी कर रहे हैं, जिससे वैश्विक साझीदारों के साथ ट्रेड वार बढ़ेगा, कीमतें भी बढ़ेंगी और दशकों पुरानी व्यापार व्यवस्था खत्म हो जाएगी।
ट्रंप की प्रस्तावित घोषणा से दुनियाभर में हड़कंप है और उनकी टैरिफ योजना पर अनुमान लगाने के लिए विवश है। नए टैरिफ की घोषणा से पहले बुधवार को अमेरिकी शेयर सूचकांकों में भारी गिरावट देखी गई और बिकवाली जारी रही। इससे निवेशकों की संपत्ति लगभग पांच लाख करोड़ डॉलर कम हो गई। सुरक्षित निवेश माना जाने वाला सोना रिकार्ड ऊंचाई के नजदीक रहा।

ग्लोबल टैरिफ तीन अप्रैल से प्रभावी होगा
टैरिफ संबंधी चिंताओं ने पहले ही दुनियाभर में विनिर्माण गतिविधि को धीमा कर दिया है। जबकि ऑटो और अन्य आयातित उत्पादों की बिक्री बढ़ गई है क्योंकि उपभोक्ता कीमतें बढ़ने से पहले खरीदारी कर रहे हैं। नए टैरिफ ट्रंप की घोषणा के तुरंत बाद प्रभावी हो जाएंगे, जबकि ऑटो क्षेत्र के आयात पर अलग से 25 प्रतिशत का ग्लोबल टैरिफ तीन अप्रैल से प्रभावी होगा।
बुधवार सुबह तक व्हाइट हाउस ने टैरिफ के किसी भी सेट की सूचना प्रकाशित नहीं की थी, जो लागू करने से पहले करना आवश्यक है। प्रशासन ने उन रिपोर्टों पर भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि ट्रंप 20 प्रतिशत यूनिवर्सल टैरिफ पर विचार कर रहे है।


”अमेरिका में मुक्ति दिवस है!”

हालांकि ट्रंप ने अपने इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर लिखा, ”अमेरिका में मुक्ति दिवस है!” एक बार टैरिफ को ”शब्दकोश में सबसे सुंदर शब्द” कहने वाले ट्रंप ने कहा कि उनकी पारस्परिक टैरिफ की योजना में अमेरिकी दरें अन्य देशों की ओर से लागू दरों के समान होंगी।
यूरोपीय सेंट्रल बैंक की अध्यक्ष क्रिस्टीन लेगार्ड ने आयरलैंड के न्यूजटाक रेडियो पर कहा, ”इसका दुनियाभर में नकारात्मक असर होगा। इसके प्रभाव की तीव्रता व स्थायित्व इसके दायरे, लक्षित उत्पादों, इसकी अवधि और इस बात पर निर्भर होगा कि बातचीत होती है या नहीं।’

टैरिफ इतालवी कंपनियों को कड़ी चोट पहुंचाएंगे: जार्जिया मेलोनी
ट्रंप की आलोचना करने से बचती रहीं इटली की प्रधानमंत्री जार्जिया मेलोनी ने चेतावनी दी कि टैरिफ इतालवी कंपनियों को कड़ी चोट पहुंचाएंगे और अमेरिकी उपभोक्ताओं के लिए भी अनुचित होंगे। उन्होंने कहा, ”यही कारण है कि हमें ट्रेड वार टालने के लिए काम करना चाहिए।”

फ्रांस को काफी शक्तिशाली झटका लगने की उम्मीद है, जिसमें 20-25 प्रतिशत तक टैरिफ लग सकते थे। ऑस्ट्रेलिया, यूरोपीय संघ, कनाडा और मेक्सिको सहित व्यापारिक साझीदारों ने जवाबी टैरिफ और अन्य उपायों से जवाब देने का संकल्प लिया है। जबकि कुछ ने अमेरिका के साथ बातचीत करने की कोशिश की है। ट्रंप के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो ने कहा कि ऑटो क्षेत्र में टैरिफ से अमेरिका की रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण विनिर्माण की क्षमताएं लौट आएंगी।

यह संरक्षणवाद नहीं है, यह बहाली है। व्यवसायियों ने शिकायत की है कि ट्रंप की लगातार धमकियों ने उनके लिए संचालन की योजनाएं बनाना मुश्किल कर दिया है। फ्रेट प्राइसिंग प्लेटफार्म जेनेटा के मुख्य विश्लेषक पीटर सैंड ने कहा, ”जब नियम बदलते रहते हैं, तो आप अपनी आपूर्ति श्रृंखला पर महत्वपूर्ण निर्णय नहीं ले सकते।”

टैरिफ को लेकर अर्थशास्त्रियों ने क्या दी चेतावनी?
हालांकि, बाहरी अर्थशास्त्रियों ने चेतावनी दी है कि टैरिफ से वैश्विक अर्थव्यवस्था धीमी हो सकती है, मंदी का जोखिम बढ़ सकता है और औसत अमेरिकी परिवार के लिए जीवन-यापन की लागत हजारों डॉलर बढ़ सकती है। येल यूनिवर्सिटी बजट लैब के अनुसार, पहले से लगाए गए टैरिफ के ऊपर 20 प्रतिशत टैरिफ से औसत अमेरिकी परिवार को कम से कम 3,400 डालर का नुकसान होगा।

पदभार ग्रहण करने के बाद सिर्फ 10 हफ्तों में ट्रंप ने चीन से फेंटेनाइल के सभी आयातों पर 20 प्रतिशत नए टैरिफ लगाए हैं और स्टील एवं एल्युमीनियम पर 25 प्रतिशत टैरिफ पूरी तरह से बहाल कर दिया है।

अधिकांश कनाडाई और मैक्सिकन सामानों पर 25 प्रतिशत फेंटेनाइल-संबंधित टैरिफ से एक महीने की राहत भी बुधवार को समाप्त हो गई। अधिकारियों ने कहा है कि ट्रंप के सभी टैरिफ पिछली दरों से अधिक हैं, इसलिए मैक्सिकन निर्मित कार जिस पर पहले 2.5 प्रतिशत टैरिफ लगता था, उस पर फेंटेनाइल टैरिफ और आटो क्षेत्र का टैरिफ दोनों लागू होगा।

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