
ट्रंप की टैरिफ नीतियों के कारण भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के लिए एक अलग गठजोड़ पर आगे बढ़ रहा है. ट्रंप की नीति ने नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाने के बाद दुनिया की राजनीति में बड़ा बदलाव हुआ. एक तरफ जहां रूस, भारत और चीन की तिकड़ी उभकर सामने आई है तो वहीं एक और गठजोड़ बनने के संकेत मिल रहे हैं जो ट्रंप की नींद उड़ा देने वाला है. चीन के खिलाफ क्वाड (QUAD) देशों का एक ग्रुप है जिसमें भारत, जापान और अमेरिका शामिल है. ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी ने इन देशों को अपनी सुरक्षा खुद मजबूत करने लिए बाध्य कर दिया है.
इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के लिए बनेगा नया गठजोड़?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय जापान दौरे पर हैं. तेजी से बदले जियोपॉलिटिक्स को देखें तो सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के लिए क्वाड के बावजूद भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया अगल गठजोड़ बना सकते हैं? इस बात के संकेत इसलिए मिल रहे हैं क्योंकि पीएम मोदी की जापान यात्रा से ठीक पहले टोक्यो के व्यापार वार्ताकार रयोसेई अकाजावा ने गुरुवार (28 अगस्त 2025) को आखिरी समय में अपनी अमेरिका दौरा यात्रा स्थगित कर दी.
अमेरिका के ट्रेड डील से जापान और ऑस्ट्रेलिया नाराज
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज जुलाई में चीन का दौरा किया था, जहां उन्होंने शी चिनपिंग से मुलाकात कर ट्रेड को लेकर चर्चा की. जापान भी अमेरिका के साथ एक व्यापार समझौते पर सहमति बनने के बावजूद ट्रंप की सख्त रणनीति से खुश नहीं है. उसने प्रस्तावित 550 अरब डॉलर के निवेश पैकेज पर वाशिंगटन के साथ असहमति व्यक्त की है और वार्ता को फिलहाल रोक दिया है.
हाल ही में चीन और जापान के बीच कूटनीतिक संबंधों में नरमी के संकेत मिले हैं. दोनों के बीच आर्थिक वार्ता, यात्रा प्रतिबंधों में ढील दी गई है, लेकिन रणनीतिक और सुरक्षा संबंधी चिंताएं अभी भी बनी हुई है. भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया इस समय एक महत्वपूर्ण मोड़ पर हैं. ट्रंप की ट्रेड नीति ने पुरानी चिंताओं को तोड़ते हुए नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं.