
सीएम देवेंद्र फडणवीस ने दिल्ली में कांग्रेस के प्रदर्शन पर निशाना साधा है. इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर कई आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लोग एक्सट्रीम लेफ्टिस्ट शासन चाहते हैं.
कांग्रेस ने मंगलवार को निर्वाचन आयोग के मामले को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन किया. इस प्रदर्शन को लेकर अब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि जिस प्रकार की अराजकता का परिचय कांग्रेस पार्टी और उनके साथी दे रहे हैं, उनका उद्देश्य स्पष्ट है, भारत की संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करना.
उन्होंने आगे कहा, “लोगों का संवैधानिक संस्थाओं से विश्वास उठ जाए. इस तरह का व्यवहार करना और उसके साथ भारत के संविधान को नकारना. इस प्रकार का षड्यंत्र चल रहा है. कांग्रेस का यह आंदोलन भी इसी का एक हिस्सा है. ये हाथ में संविधान लेते हैं और सारी असंवैधानिक गतिविधियां करते हैं. ये चाहते हैं कि भारत में एक्सट्रीम लेफ्टिस्ट शासन आए. इस तरह की गतिविधियां चल रही हैं.”
देवेंद्र फडणवीस ने यह भी कहा, “ये भारत के संविधान को नकारना चाहते हैं और लोगों के मन में नकारात्मकता पैदा करना चाहते हैं. यह आंदोलन उसी का हिस्सा है.” इस दौरान सीएम ने कई मुद्दों को लेकर अपनी बात रखी.
महाराष्ट्र में छात्र आंदोलनों को लेकर क्या बोले सीएम?
महाराष्ट्र में छात्र आंदोलनों को लेकर सीएम फडणवीस ने कहा, “छात्रों को अपने राजनीतिक एजेंडे के लिए ढाल के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिश की जा रही है. छात्रों पर दबाव बनाया जा रहा है और अशांति पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है.
उन्होंने आगे कहा, “राज्य सरकार ने छात्रों द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों को हल करने की पहल की है और इस संबंध में पहले ही निर्णय लिए जा चुके हैं. अगर छात्रों का इस्तेमाल केवल राजनीतिक उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है, तो हम उस राजनीति का जवाब राजनीतिक तरीके से देंगे. लेकिन जब बात छात्रों के मुद्दों की होगी, तो हम ठोस कार्रवाई के माध्यम से जवाब देंगे.”
MPSC पुणे प्रदर्शनकारियों की मांग पर क्या कहा?
सीएम ने MPSC प्रदर्शनकारियों की मांग पर कहा, “MPSC अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग करना या उन्हें पद से हटाना राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में नहीं है. सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, MPSC अध्यक्ष को हटाने का अधिकार राष्ट्रपति के पास है. सवाल यह है कि जिस अध्यक्ष ने पेपर लीक की घटना के बाद पदभार संभाला है, उन्हें हटाना कितना उचित होगा?”
उन्होंने आगे कहा, “हालांकि, हम पूरे आयोग की जांच के आदेश देने के लिए तैयार हैं. यदि जांच में अनुच्छेद 317 के तहत किसी तरह का कदाचार सामने आता है, तो हम राष्ट्रपति से कार्रवाई करने का अनुरोध करने के लिए तैयार हैं. राज्य सरकार ने इस संबंध में कल ही राज्यपाल से अनुरोध किया है.”



