
कई साधक मासिक शिवरात्रि का व्रत करते हैं, जो हर माह की शिव जी की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर किया जाता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत और पूजा से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन की बाधाएं दूर होती हैं। ऐसे में चलिए पढ़ते हैं कि आप इस दिन पर किस प्रकार शिव जी को प्रसन्न कर सकते हैं।
मासिक शिवरात्रि मुहूर्त
माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 16 जनवरी को रात 10 बजकर 21 मिनट से 18 जनवरी को देर रात 12 बजकर 3 मिनट तक रहने वाली है। ऐसे में साल की पहली मासिक शिवरात्रि का व्रत शुक्रवार 16 जनवरी को किया जाएगा। इस दिन पर पूजा का मुहूर्त कुछ इस प्रकार रहने वाला है –
मासिक शिवरात्रि की पूजा मुहूर्त – रात 12 बजकर 4 मिनट से देर रात 12 बजकर 58 मिनट तक
भगवान शिव की पूजा विधि –
मासिक शिवरात्रि के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवितृ हो जाएं और व्रत का संकल्प लें।
मंदिर की साफ-सफाई करने के बाद गंगाजल छिड़कें।
शिवलिंग का दूध, गंगाजल, शहद, घी आदि से अभिषेक करें।
पूजा में बिल्वपत्र, धतूरा, सफेद फूल आदि अर्पित करें।
भोग के रूप में भगवान शिव को मखाने की खीर, फल व हलवा आदि अर्पित कर सकते हैं।
माता पार्वती को 16 शृंगार की सामग्री अर्पित करें।
ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें।
मासिक शिवरात्रि की कथा का पाठ करें और भगवान शिव व माता पार्वती की आरती करें।
अंत में सभी लोगों में प्रसाद बांटें।
शिवलिंग पर अर्पित करें ये चीजें
मासिक शिवरात्रि के दिन आप शिवलिंग पर चंदन, बेलपत्र, गन्ने का रस और शहद आदि अर्पित कर सकते हैं। इस सभी चीजों को मासिक शिवरात्रि की पूजा में शिवलिंग पर अर्पित करने से साधक को महादेव का आशीर्वाद मिलता है और उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। साथ ही जीवन की सभी बाधाएं भी दूर होती हैं।



