
Ankita Bhandari Case: 2022 में 19 साल की अंकिता भंडारी की हत्या हुई थी. इस मामले में तीनों आरोपियों को सत्र न्यायालय उम्रकैद की सजा सुना चुका है. उत्तराखंड के सीएम पुष्कर धामी ने कहा कि हम उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी मामले की सीबीआई जांच कराएंगे. अंकिता भंडारी मामले में सीएम धामी ने सीबीआई जांच की सिफारिश की. उन्होंने कहा कि अंकिता के माता पिता से मीटिंग के बाद हमने अंकिता भंडारी मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की है.
किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा- सीएम धामी
सीएम धामी ने कहा, “अंकिता भंडारी के पिता का सम्मान करते हुए हुए हमने सीबीआई जांच की सिफारिश की है. हम बहन अंकिता को न्याय दिलाने के लिए कृत संकल्पित हैं. अंकिता भंडारी जी के किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. कोई अपराधी बचेगा नहीं.”
सरकार का उद्देश्य न्याय सुनिश्चित करना- सीएम
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य शुरू से अंत तक निष्पक्ष, पारदर्शी और संवेदनशील तरीके से न्याय सुनिश्चित करना रहा है और आगे भी रहेगा.
मामले में एसआईटी का गठन किया गया- सीएम
मुख्यमंत्री ने कहा कि बहन अंकिता भंडारी के साथ हुई इस अत्यंत दुखद एवं हृदयविदारक घटना की जानकारी मिलते ही राज्य सरकार ने बिना किसी विलंब के पूर्ण संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ कार्रवाई की. मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एक महिला आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया.
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रकरण से जुड़े सभी अभियुक्तों को शीघ्र गिरफ्तार किया गया तथा राज्य सरकार की ओर से प्रभावी एवं सशक्त पैरवी सुनिश्चित की गई, जिसका परिणाम यह रहा कि विवेचना और ट्रायल के दौरान किसी भी अभियुक्त को जमानत नहीं मिल सकी. SIT द्वारा गहन विवेचना के पश्चात अभियुक्तों के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की गई और निचली अदालत द्वारा सुनवाई पूर्ण होने पर अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई.
जांच की प्रक्रिया निरंतर जारी- सीएम
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह पूरे प्रकरण में इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि राज्य सरकार ने आरंभ से लेकर अंत तक निष्पक्षता, पारदर्शिता और दृढ़ता के साथ न्याय सुनिश्चित किया है. साथ ही, हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही कुछ ऑडियो क्लिप्स के संबंध में भी अलग–अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिन पर जांच की प्रक्रिया निरंतर जारी है.
वह हमारी भी बहन और बेटी थी- सीएम
मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि सरकार की मंशा पूरी तरह स्पष्ट है और किसी भी तथ्य या साक्ष्य की अनदेखी नहीं की जाएगी. उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि अंकिता केवल एक पीड़िता नहीं थी, बल्कि वह हमारी भी बहन और बेटी थी.सीएम ने पुनः दोहराया कि राज्य सरकार पहले भी न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध रही है और आगे भी पूरी दृढ़ता एवं संवेदनशीलता के साथ स्वर्गीय बहन अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए संकल्पबद्ध रहेगी.



