Delhi Blast: प्यार, दो असफल शादियां और आतंक की दुनिया में एंट्री…, आतंकी डॉक्टर्स की लव स्टोरी पर बड़ा खुलासा

Delhi Red Fort Blast: दिल्ली आतंकी हमले की आरोपी शाहीन सईद ने दो साल पहले मुजम्मिल से शादी की और तभी से वह आतंक के दलदल की ओर बढ़ती गई. शादी के बाद उसने धार्मिक गतिविधियों में भाग लेना शुरू कर दिया. दिल्ली में लाल किला के पास हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को दहला दिया था. अब इस मामले मुख्य आरोपी शाहीन सईद और मुजम्मिल शकील के रिश्तों को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. जांच एजेंसियों ने खुलासा किया है कि डॉक्टर शाहीन मुज्जमिल की प्रेमिका नहीं, बल्कि पत्नी है.

मुजम्मिल ने कानूनी दस्तावेज में शाहीन को अपनी बीवी बताया है. अल-फलाह के पास एक मस्जिद में सितंबर 2023 में दोनों का निकाह हुआ था. यहीं से आतंकवाद की दुनिया में शाहीन की एंट्री हुई. यह भी खुलासा हुआ कि शाहीन ने 2023 में मुजम्मिल को हथियार खरीदने के लिए 6.5 लाख रुपये दिए थे.

शहीन का लखनऊ से दिल्ली तक का सफर

लखनऊ के घनी आबादी वाले डालीगंज इलाके में पली-बढ़ी शाहीन सईद पढ़ने में काफी होशियार थी. उन्होंने इलाहाबाद से बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी (MBBS) की पढ़ाई की और फिर फार्माकोलॉजी स्पेशलिस्ट बन गई. उनके पिता सैयद अहमद अंसारी एक सरकारी कर्मचारी हैं और उनका परिवार विनम्र, शिक्षित और सामाजिक रूप से सम्मानित माना जाता है.

शाहीन सईद की पहली शादी

शाहीन सईद ने नवंबर 2003 में नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. जफर हयात से शादी की और उनके दो बच्चे हुए, लेकिन यह रिश्ता ज्यादा दिन नहीं चला. डॉ. हयात ने एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू में कहा, “नवंबर 2003 में हमारी शादी हुई थी और हम दोनों अलग-अलग मेडिकल की पढ़ाई कर रहे थे, मैं उनसे सीनियर था.” 

उन्होंने आगे कहा, “हमारा तलाक 2012 के अंत में हुआ था. मुझे नहीं पता कि उनके मन में ऐसा क्या था जिसकी वजह से तलाक हुआ. हमारे बीच कभी कोई विवाद या झगड़ा नहीं हुआ. वह एक प्यारी और परवाह करने वाली इंसान थीं. मुझे कभी अंदाजा नहीं था कि वह ऐसी गतिविधियों में शामिल हो सकती हैं. वह अपने परिवार और बच्चों से बहुत जुड़ी हुई थीं, उनसे बेहद प्यार करती थीं और उनकी पढ़ाई का पूरा ध्यान रखती थीं.” उन्होंने बताया कि शाहीन सईद ने अपनी शादी के अलावा कभी बुर्का नहीं पहना.

उन्होंने कहा, “एक बार उन्होंने (शाहीन) सुझाव दिया था कि बेहतर सैलरी और जीवन स्तर के लिए हम ऑस्ट्रेलिया या यूरोप में बस जाएं, लेकिन मैंने उनसे कहा कि हम यहां पहले से ही अच्छी जिंदगी जी रहे हैं, अच्छी नौकरियां और बच्चे हैं. हमारे रिश्तेदार और सब लोग यहां हैं इसलिए हम वहां अकेलापन महसूस करेंगे.”

तलाक के बाद शाहीन सईद ने दोबारा शादी की

शाहीन सईद गणेश शंकर विद्यार्थी मेमोरियल (GSVM) मेडिकल कॉलेज में पढ़ती थी. तलाक के बाद वह बिना किसी पूर्व सूचना के कॉलेज जाना बंद कर दिया और वहां से अचानक नाम वापस ले लिया. रिपोर्ट के मुताबिक शाहीन 8 साल तक संपर्क से दूर रही और 2021 में उसकी नौकरी समाप्त कर दी गई. बाद में उन्होंने गाजियाबाद में कपड़ा व्यवसाय करने वाले एक व्यक्ति से दोबारा शादी कर ली, लेकिन यह शादी भी ज्यादा समय तक नहीं चली.

शाहीन सईद की जिंदगी में मुजम्मिल की एंट्री

हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी में शाहीन सईद के जूनियर और कश्मीरी डॉक्टर मुजम्मिल शकील उनकी जिंदगी में आए. दोनों की रोज मुलाकातें, कॉलेज में साथ काम करना और एक जैसे पेशे होने से उनका रिश्ता और मजबूत हुआ. पूछताछ के दौरान मुजम्मिल ने खुलासा किया कि दोनों ने सितंबर 2023 में अल-फलाह यूनिवर्सिटी के पास एक मस्जिद में शादी की थी, जिसमें मेहर की रकम 5 से 6 हजार रुपये तय की गई थी. इसके बाद दोनों साथ रहने लगे. इसी दौरान शाहीन का परिचय कुछ छात्रों के ग्रुप से हुआ और उसने धार्मिक गतिविधियों में भाग लेना शुरू कर दिया.

इन बैठकों के दौरान जैश-ए-मोहम्मद (JEM) की महिला शाखा जमात-उल-मोमिनात की सदस्यों ने उससे संपर्क किया. जांच एजेंसियों के अनुसार इस संगठन ने सईद को कट्टरपंथ और आतंकवादी विचारधारा का प्रशिक्षण देना शुरू कर दिया. इसके बाद शाहीन ने अपनी डॉक्टर की पहचान का इस्तेमाल कर जम्मू-कश्मीर, दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा के बीच यात्रा करना शुरू कर दिया.

इस दौरान वह पैसे और संदेश एक जगह से दूसरे जगह तक पहुंचाने में मदद की. शाहीन सईद को कथित तौर पर जमात उल-मोमिनात की भारतीय शाखा का प्रभार सौंपा गया था, जिसका नेतृत्व पाकिस्तान में जैश-ए-मोहम्मद के संस्थापक मसूद अज़हर की बहन सादिया अज़हर कर रही है.

शाहीन के परिवारों को नहीं हो रहा भरोसा

शाहीन सईद के बड़े भाई मोहम्मद शोएब पिछले चार वर्षों से उसके संपर्क में नहीं थे. उन्होंने कहा, “जब वह मेडिकल की पढ़ाई कर रही थी तब भी उसके किसी भी संदिग्ध काम में शामिल होने का कोई संकेत नहीं मिला. मुझे अब भी इन आरोपों पर विश्वास नहीं होता. जैसा कि मैंने पहले भी कहा है कि मैं इस पर यकीन ही नहीं कर सकता.” डॉ. सईद के पिता सैयद अहमद अंसारी ने भी अपने भाई की तरह ही अविश्वास जताया. न्यूज एजेंसी आईएएनएस के अनुसार उन्होंने कहा, “मुझे विश्वास नहीं हो रहा है कि मेरी बेटी ऐसी गतिविधियों में शामिल थी.”

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