जी-20 में शामिल न होने को लेकर ट्रंप का दक्षिण अफ्रीका पर बड़ा आरोप

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दक्षिण अफ्रीका में हुए जी20 शिखर सम्मेलन में अमेरिका के शामिल न होने के फैसले पर बड़ा दावा किया है। एक्स पर एक पोस्ट में राष्ट्रपति ट्रंप ने ये भी एलान किया कि दक्षिण अफ्रीका को अमेरिका की अध्यक्षता में होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन में नहीं बुलाया जाएगा।

ट्रंप ने दक्षिण अफ्रीकी सरकार पर वहां बसने वाले कुछ लोगों की ओर से कथित तौर पर किए गए मानवाधिकार उल्लंघन को मानने से इनकार करने का आरोप लगाया। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि इसे सीधे शब्दों में कहें तो वे श्वेत लोगों की हत्या कर रहे हैं और उनके खेतों को बेतरतीब ढंग से उनसे छीनने की इजाजत दे रहे हैं।

उन्होंने दावा किया कि दक्षिण अफ्रीकी सरकार डच, फ्रांसीसी और जर्मन अप्रवासियों के अन्य वंशज की ओर से सहे गए भीषण मानवाधिकारों के हनन को मानने से इनकार करती है। ट्रंप ने अमेरिकी मीडिया पर निशाना साधते हुए कहा कि शायद सबसे बुरी बात यह है कि जल्द ही बंद होने वाला न्यूयॉर्क टाइम्स और फेक न्यूज मीडिया इस नरसंहार के खिलाफ एक शब्द भी नहीं बोलेगा।

बीते हफ्ते दक्षिण अफ्रीका की ओर से जोहानिसबर्ग में जी-20 नेताओं के शिखर सम्मेलन का आयोजन किया गया था। इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई वैश्विक नेताओं ने हिस्सा लिया था। हालांकि, अमेरिका ने शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने से मना कर दिया और कोई अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल नहीं भेजा।

ट्रंप ने यह भी दावा किया कि दक्षिण अफ्रीका ने शिखर सम्मेलन के समापन समारोह में मौजूद अमेरिकी दूतावास के एक प्रतिनिधि को जी20 की अध्यक्षता सौंपने से इनकार कर दिया। ट्रंप ने आगे लिखा कि इसी वजह से मेरे निर्देश पर दक्षिण अफ्रीका को 2026 के जी20 का निमंत्रण नहीं मिलेगा, जिसका आयोजन अगले साल फ्लोरिडा के मियामी शहर में होगा।

उन्होंने कहा कि दक्षिण अफ्रीका ने दुनिया को दिखा दिया है कि वह कहीं भी सदस्यता के लायक देश नहीं है और हम उन्हें दिए जाने वाले सभी भुगतान और सब्सिडी तुरंत प्रभाव से बंद करने जा रहे हैं। ट्रंप के इस एलान पर दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा की प्रतिक्रिया भी सामने आई है।

दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति रामाफोसा ने इस फैसले को बेहद निराशाजनक बताते हुए कहा कि उनके प्रशासन ने हमेशा अमेरिका के साथ राजनयिक संबंधों को फिर से स्थापित करने की कोशिश की है। गौरतलब है कि ट्रंप की ओर से दक्षिण अफ्रीका में श्वेत अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न और नरसंहार का दावा किया जाता रहा है। हालांकि, दक्षिण अफ्रीकी सरकार और वहां के श्वेत नेता इन दावों को खारिज करते रहे हैं।

Related Articles

Back to top button